उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mohabbat se agar bezar ho jate to achchha tha

मोहब्बत से अगर बेज़ार हो जाते तो अच्छा था

محبت سے اگر بیزار ہو جاتے تو اچھا تھا

शायर: Balbir Rathi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मोहब्बत से अगर बेज़ार हो जाते तो अच्छा था
हम इस दुनिया में दुनिया-दार हो जाते तो अच्छा था

सुना है ज़िंदगी दुश्वारियों ही में निखरती है
अगर कुछ मरहले दुश्वार हो जाते तो अच्छा था

हवादिस ने जगाया तो मगर मौक़ा निकलने पर
अगर हम वक़्त पर बेदार हो जाते तो अच्छा था

नहीं अब भी कोई ऐसी परेशानी नहीं लेकिन
ज़रा पहले ही से हुशियार हो जाते तो अच्छा था