उर्दू शायरी · ग़ज़ल

miTTi miTTi khel rahe the allah miyan aur chaak

मिट्टी मिट्टी खेल रहे थे अल्लह मियाँ और चाक

مٹی مٹی کھیل رہے تھے اللہ میاں اور چاک

शायर: Nadim Nadeem4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिट्टी मिट्टी खेल रहे थे अल्लह मियाँ और चाक
खेल खेल में पुतले बन गए हो गई मिट्टी पाक

कैसे कैसे लोग वुजूद की ज़द में आ कर मर गए
इस दरिया की भेंट चढ़े कैसे कैसे तैराक

जैसे फूल आने पर खेतों में सरसों लहराए
यूँ लहरा कर चलती है वो पहन नई पोशाक

कौन सा जादू सीखा है दो चोटियों वाली ने
लट्टू हो कर नाच रहे हैं हम जैसे चालाक