उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri aankhon ke jo raushan diye hain

मिरी आँखों के जो रौशन दिए हैं

مری آنکھوں کے جو روشن دیے ہیں

शायर: Gaurav Trivedi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरी आँखों के जो रौशन दिए हैं
तुम्हारी याद में बुझने लगे हैं

कई आँसू तो असली रंग अपना
मिरी आँखों में आ कर देखते हैं

तुम्हारे ख़्वाब दिलकश ख़्वाब थे पर
मिरी आँखों में भी गहरे कुएँ हैं

वही रिश्ते जो मुझ को बुन रहे थे
मिरे अश'आर में बिखरे पड़े हैं

बड़प्पन देखिए मेरे बड़ों का
मुझे छोटा जताने पर तुले हैं