उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mere KHayal ko kitne sawal deta hai

मिरे ख़याल को कितने सवाल देता है

مرے خیال کو کتنے سوال دیتا ہے

शायर: Zafar Tabish5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरे ख़याल को कितने सवाल देता है
वो एक बच्चा जो सूरज उछाल देता है

सफ़ेद धूप जब उस का बदन नहीं सुनता
वो अपनी आँख समुंदर में डाल देता है

तिलिस्म-कार कहें या कहें फ़क़ीर उस को
हथेलियों से जो मंज़र निकाल देता है

न जाने कौन सा मंज़र उसे डराता है
वो बात बात पे सिक्का उछाल देता है

समुंदरों के सफ़र से वो क्या पलट आया
हर एक बात पे अपनी मिसाल देता है