उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera dusra ruKH dikha de mujhe

मिरा दूसरा रुख़ दिखा दे मुझे

مرا دوسرا رخ دکھا دے مجھے

शायर: Ghayas Mateen5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरा दूसरा रुख़ दिखा दे मुझे
मिरे सामने से हटा दे मुझे

बड़ी देर से क़ैद में हूँ तिरी
परिंदा समझ कर उड़ा दे मुझे

मैं उस के लिए धूप ले आऊँगा
जो दरिया से पानी पिला दे मुझे

मैं उड़ना सिखाऊँगा तुझ को मगर
तू पानी पे चलना सिखा दे मुझे

समुंदर से निस्बत है मुझ को 'मतीन'
वो सूरज अगर है जला दे मुझे