उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mat dikhao hausle tufan guzar jaane ke baad

मत दिखाओ हौसले तूफ़ाँ गुज़र जाने के बा'द

مت دکھاؤ حوصلے طوفاں گزر جانے کے بعد

शायर: Yawar Ali6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मत दिखाओ हौसले तूफ़ाँ गुज़र जाने के बा'द
मर गया है आदमी दुनिया में डर जाने के बा'द

वक़्त से तोहफ़े में मैं ने तज्रबा पाया नहीं
ज़िंदगी को जान पाया हूँ बिखर जाने के बा'द

दुश्मनों से जंग में मुमकिन है बच जाएँ मगर
बच नहीं सकते हैं हम उम्मीद मर जाने के बा'द

काश आ जाए मुझे आँसू छुपाने का हुनर
दर्द हो जाता है ज़ाहिर आँख भर जाने के बा'द

धीरे धीरे बन गया इक अजनबी से आश्ना
वो मिरे दिल के नशेमन में ठहर जाने के बा'द

आबरू उल्फ़त वफ़ा ख़ुशियाँ त'अल्लुक़ दोस्ती
कुछ नहीं बचता है नज़रों से उतर जाने के बा'द