उर्दू शायरी · ग़ज़ल

marne wali umangon ki tarah hota hai

मारने वाली उमंगों की तरह होता है

مارنے والی امنگوں کی طرح ہوتا ہے

शायर: Ejaaz tawakkal6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मारने वाली उमंगों की तरह होता है
इश्क़ बारूदी-सुरंगों की तरह होता है

रौशनी मुझ पे भी इतना ही असर करती है
मेरा जलना भी पतंगों की तरह होता है

बा'द में आती है तहज़ीब-ए-मोहब्बत साहिब
हर कोई पहले लफंगों की तरह होता है

उस से बचना ही मुनासिब है ज़रा ध्यान रहे
हिज्र सफ़्फ़ाक नहंगों की तरह होता है

है मिरी इश्क़ की दरगाह से निस्बत सो मिरा
बैठना उठना मलँगों की तरह होता है

ये है जज़्बाती मकीनों का इलाक़ा 'एजाज़'
सो यहाँ अम्न भी जंगों की तरह होता है