उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mangna kaam mujh sawali ka

माँगना काम मुझ सवाली का

مانگنا کام مجھ سوالی کا

शायर: Nadir Shahjahanpuri6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

माँगना काम मुझ सवाली का
बख़्शना तेरी ज़ात-ए-आली का

क्यूँ गिराया है अपनी नज़रों से
हुक्म कर दे मिरी बहाली का

तू ही वो फूल है जो है महबूब
पत्ते पत्ते का डाली डाली का

बात जो भी कहो वो साफ़ कहो
काम क्या फ़ज़्ल-ए-एहतिमाली का

जल बुझूँगा भड़क के दम भर में
मैं हूँ गोया दिया दिवाली का

'नादिर' ऐसा कलाम है मेरा
साद है जिस पे ला-ज़वाली का