उर्दू शायरी · ग़ज़ल

logon ke murshad ek taraf

लोगों के मुर्शद एक तरफ़

لوگوں کے مرشد ایک طرف

शायर: Ikram Basra10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

लोगों के मुर्शद एक तरफ़
और ज़ेहन में शायद एक तरफ़

लेकिन कहने को ज़िंदा हैं
मरना सौ फ़ीसद एक तरफ़

आवाज़ें क़ैद नहीं होतीं
हद हो या सरहद एक तरफ़

तुम आओ तो हो सकता है
जीने का मक़्सद एक तरफ़

अब तक जौ भी तहरीर हुआ
तेरे नाम के अबजद एक तरफ़

दुनिया में सब कुछ फ़ानी है
तेरे ख़ाल-ओ-ख़द एक तरफ़

हम ठहरे हुए रस्तों से हैं
ये रुख़्सत-ओ-आमद एक तरफ़

नक़्शे काग़ज़ के टुकड़े हैं
सीने में सरहद एक तरफ़

इंसान ख़ता का पुतला है
अलबत्ता मुर्तद एक तरफ़

बस नाम रहे गा अल्लाह का
बाक़ी शद्द-ओ-मद एक तरफ़