उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ai KHuda-e-junun KHuda-hafiz

ऐ ख़ुदा-ए-जुनूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

اے خدائے جنوں خدا حافظ

शायर: Ikram Basra8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐ ख़ुदा-ए-जुनूँ ख़ुदा-हाफ़िज़
बंदगी के फ़ुसूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

जिन लबों से तुम्हें दिया बोसा
कैसे उन से कहूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

ज़ाहिरन एक लम्स था उस का
ज़ख़्म-हा-ए-दरूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

चश्म-ए-नम की हवा मुबारक हो
ऐ मिरे दिल के ख़ूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

तेरा जाना 'अजीब लगता था
अब हिमायत में हूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

हालत-ए-रक़्स में है ठहराओ
इज़तिराब-ओ-सुकूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

तुम मुझे सुन के अन-सुनी करना
लाख कहता रहूँ ख़ुदा-हाफ़िज़

मैं मोहब्बत की आँख से निकला
आख़िरी अश्क हूँ ख़ुदा-हाफ़िज़