उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kya bataun kisi ko hai kya dosti

क्या बताऊँ किसी को है क्या दोस्ती

کیا بتاؤں کسی کو ہے کیا دوستی

शायर: Aalam Nizami6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्या बताऊँ किसी को है क्या दोस्ती
है ग़म-ए-ज़िंदगी की दवा दोस्ती

ना-तवाँ ख़ुद को महसूस जब भी किया
तू ने बख़्शा मुझे हौसला दोस्ती

देख कर जिस को लगती है दुनिया हसीं
है मोहब्बत का वो आइना दोस्ती

रौशनी का सफ़र या अंधेरे का हो
हर सफ़र में रही हम-नवा दोस्ती

लाखों एहसाँ हैं तेरे मिरी ज़ात पर
हक़ तिरा किस तरह हो अदा दोस्ती

जिस से 'आलम' महकता है मेरा वजूद
ख़ुशबूओं की है ऐसी फ़ज़ा दोस्ती