उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kuchh sath diya mera dawa ne na dua ne

कुछ साथ दिया मेरा दवा ने न दुआ ने

کچھ ساتھ دیا میرا دوا نے نہ دعا نے

शायर: Parvin Shere3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कुछ साथ दिया मेरा दवा ने न दुआ ने
अब जाएँ कहाँ ढूँडने जीने के बहाने

फ़रहाद भी वाक़िफ़ नहीं अब कोह-कनी से
बे-कार हैं फ़र्सूदा मोहब्बत के फ़साने

इस दीदा-ए-पुर-नम में है रक़्साँ तिरा परतव
महताब लुटाता है समुंदर पे ख़ज़ाने