उर्दू शायरी · ग़ज़ल

koi aaghaz mein anjam bata jata hai

कोई आग़ाज़ में अंजाम बता जाता है

کوئی آغاز میں انجام بتا جاتا ہے

शायर: Vikram Sharma6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कोई आग़ाज़ में अंजाम बता जाता है
और फिर पूरी कहानी का मज़ा जाता है

हम यही सोचते हैं रास्ते भर फूल लिए
इक मुलाक़ात पे क्या तोहफ़ा दिया जाता है

'इश्क़ जिस से हो तिरी राह तकी जाती है
हिज्र जिस से हो तुझे याद किया जाता है

कितने ही रंज हैं शिकवे हैं मगर ये भी है
जिस को जाना हो उसे जाने दिया जाता है

हिज्र का हुस्न उदासी से बढ़ाता हूँ मैं
अच्छा मिसरा' हो तो फिर शे'र कहा जाता है

मेरी तन्हाई में डाले हैं ख़लल छिपकलियाँ
उस की तस्वीर पे फिर ध्यान चला जाता है