उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi se ishq karna chahiye tha

किसी से इश्क़ करना चाहिए था

کسی سے عشق کرنا چاہیئے تھا

शायर: Vijay Rahi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी से इश्क़ करना चाहिए था
मुझे हद से गुज़रना चाहिए था

वो आँखों में उतर कर रह गया है
जिसे दिल में उतरना चाहिए था

मोहब्बत पा के भी तुम ख़ुश नहीं हो
तुम्हें तो डूब मरना चाहिए था

ये क्या पहली दफ़ा में भर ली हामी
ज़रा सा तो मुकरना चाहिए था

हमें तन्हाई रास आने लगी है
तुम्हारा साथ वर्ना चाहिए था