उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi ke baad ro kar kya milega

किसी के बा'द रो कर क्या मिलेगा

کسی کے بعد رو کر کیا ملے گا

शायर: Kaif Uddin Khan5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी के बा'द रो कर क्या मिलेगा
मलाल-ए-इश्क़ है हो कर रहेगा

हमारे दरमियाँ यादों का रिश्ता
त'अल्लुक़ तोड़ देने से बचेगा

हमारी ज़िंदगी में ख़म बहुत हैं
बचे कोई अगर कितना बचेगा

हमारे साथ जो तन्हा रहा है
हमारे बा'द भी तन्हा रहेगा

हमारा कूज़ा-गर काहिल बहुत है
हमारे कूज़ा-गर से क्या बनेगा