उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kise malum haal-e-dil hamara

किसे मालूम हाल-ए-दिल हमारा

کسے معلوم حال دل ہمارا

शायर: Tahir Azeem6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसे मालूम हाल-ए-दिल हमारा
मोहब्बत में है मुस्तक़बिल हमारा

ये बुत भी ख़ाना-ए-दिल में रहेंगे
मगर ईमान है कामिल हमारा

अगर ये बोझ है नाज़ुक बदन पर
किसी पत्थर पे रक्खो दिल हमारा

हमें तक़्सीम ही उस ने किया है
मयस्सर है जिसे हासिल हमारा

हम अपनी प्यास से उभरे नहीं हैं
समुंदर हो गया साहिल हमारा

तो फिर हम क़त्ल कैसे हो रहे हैं
नहीं जब कोई भी क़ातिल हमारा