उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kis tayaqqun talak gae hum log

किस तयक़्क़ुन तलक गए हम लोग

کس تیقن تلک گئے ہم لوگ

शायर: Naeem Sameer6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किस तयक़्क़ुन तलक गए हम लोग
फिर भी ऐ दिल भटक गए हम लोग

मिस्ल-ए-दरिया मिली थी सैराबी
मिस्ल-ए-साहिल बिलक गए हम लोग

यूँही इक दिन सफ़र किया आग़ाज़
यूँही इक रोज़ थक गए हम लोग

एहतिमामन हुए थे हम-आग़ोश
एहतियातन बहक गए हम लोग

एक ख़ुशबू चमन में लाई थी
और सहरा तलक गए हम लोग

नूर था या वो इक बदन था 'समीर'
उस को छू कर चमक गए हम लोग