उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kis kis ko zer-e-ab hawa ki talash hai

किस किस को ज़ेर-ए-आब हवा की तलाश है

کس کس کو زیر آب ہوا کی تلاش ہے

शायर: Daniyal Zaman6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किस किस को ज़ेर-ए-आब हवा की तलाश है
कहता है हर हबाब हवा की तलाश है

इस वास्ते बिगाड़ रहा हूँ ग़ज़ल को मैं
एहसास को ख़राब हवा की तलाश है

सर पर पड़ी हुई हैं ज़माने की सख़्तियाँ
इस गर्द को जनाब हवा की तलाश है

हर सत्र-ए-ज़िंदगी पे है लिक्खा हुआ घुटन
मेरा सभी निसाब हवा की तलाश है

कब से भटक रहा है मिरी चश्म-ए-हब्स में
क्या तुझ को भी ऐ ख़्वाब हवा की तलाश है

फ़तवा-गरान-ए-शहर-ए-सितम में हमें 'ज़मान'
मरहम दु'आ शराब हवा की तलाश है