उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ki KHata par baja kiya maine

की ख़ता पर बजा किया मैं ने

کی خطا پر بجا کیا میں نے

शायर: Qadeer Ayaz9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

की ख़ता पर बजा किया मैं ने
तुझ को जल्वा-नुमा किया मैं ने

ख़ुद को ऐसे फ़ना किया मैं ने
फ़र्ज़ अपना अदा किया मैं ने

मेरी दीवानगी भी देन तिरी
कब किसी से गिला किया मैं ने

बाँट दी जाएदाद बच्चों में
सोचता हूँ ये क्या किया मैं ने

राह काँटों भरी थी मंज़िल की
अज़्म से रास्ता किया मैं ने

एक तू जो भुलाए बैठा है
याद तुझ को सदा किया मैं ने

मेरी दुनिया उजाड़ दी उस ने
बाग़ जिस का हरा किया मैं ने

तू ने जिस हाल में रखा मुझ को
शुक्र तेरा अदा किया मैं ने

कैसे होगा बुरा 'अयाज़' मिरा
कब किसी का बुरा किया मैं ने