उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kho gae ho tum jab se waqt ki KHalaon mein

खो गए हो तुम जब से वक़्त की ख़लाओं में

کھو گئے ہو تم جب سے وقت کی خلاؤں میں

शायर: Elizabeth Kurian Mona7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

खो गए हो तुम जब से वक़्त की ख़लाओं में
माँगती हूँ मैं तुम को रात-दिन दु'आओं में

मुझ को थी ये ख़ुश-फ़हमी फिर बहार आएगी
रौनक़ें कहाँ आतीं दिल के इन ख़िज़ाओं में

दिल धड़कने लगता है सुन के हल्की आहट भी
तेरे प्यार की दस्तक जो हुई हवाओं में

भूलने की कोशिश भी कामयाब क्या होती
'अक्स तेरा दिखता है मुझ को सब दिशाओं में

साथ तेरा पाऊँ गर खिल उठेगा फिर जीवन
इंतिज़ार का 'आलम है अभी फ़ज़ाओं में

फिर से शाम-ए-तन्हाई याद तेरी लाई है
फिर से खो गया है दिल माज़ी की गुफाओं में

क्या गिला करूँ 'मोना' तेरी बेवफ़ाई का
जब वफ़ा नहीं शामिल हुस्न की अदाओं में