उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gham kisi ka miTa kar to dekho

ग़म किसी का मिटा कर तो देखो

غم کسی کا مٹا کر تو دیکھو

शायर: Elizabeth Kurian Mona8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़म किसी का मिटा कर तो देखो
अपने ग़म को भुला कर तो देखो

रंग चेहरे का ज़ाहिर करेगा
राज़-ए-उल्फ़त छुपा कर तो देखो

तुम से सारा ज़माना जलेगा
नाम-ओ-शोहरत कमा कर तो देखो

दोस्त दुश्मन की पहचान होगी
दर्द अपना सुना कर तो देखो

इक ज़रा मुस्कुराहट से अपनी
रंजिशों को हटा कर तो देखो

'ऐब औरों के गिनने से पहले
ख़ुद से नज़रें मिला कर तो देखो

बे-ख़ुदी चीज़ होती है कैसी
दिल किसी पर लुटा कर तो देखो

लोग कैसे बदलते हैं 'मोना'
कोई रिश्ता निभा कर तो देखो