उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaun le kis ki KHabar kho gae sannaTe mein

कौन ले किस की ख़बर खो गए सन्नाटे में

کون لے کس کی خبر کھو گئے سناٹے میں

शायर: Vaqar Faruqi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कौन ले किस की ख़बर खो गए सन्नाटे में
हम इधर आप उधर खो गए सन्नाटे में

तेरी बातों का असर खो गए सन्नाटे में
हम न सुन पाए मगर खो गए सन्नाटे में

तीरगी ऐसी कि गुम हो के न हम ख़ुद को मिले
कोई दीवार न दर खो गए सन्नाटे में

एक हसरत थी कि हम तुम से मिलें बात करें
देख के तुम को मगर खो गए सन्नाटे में

ज़िंदगी अपनी हर इक गाम पे लगती है सराब
उफ़ ये सहरा का सफ़र खो गए सन्नाटे में

ये ज़माना तो नहीं दाद-ओ-दहिश का ऐ 'वक़ार'
रह गए अपने हुनर खो गए सन्नाटे में