उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kahte hain jis ko ishq mere bhai jang hai

कहते हैं जिस को इश्क़ मिरे भाई जंग है

کہتے ہیں جس کو عشق مرے بھائی جنگ ہے

शायर: Ejaaz tawakkal6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कहते हैं जिस को इश्क़ मिरे भाई जंग है
ये दो दिलों के बीच इलाक़ाई जंग है

तन्हाई से इलाक़ा है मुझ को मिरे अज़ीज़
मेरे लिए ये अंजुमन-आराई जंग है

जो लड़ रहा हूँ मिल के मोहब्बत के साथ मैं
ये जंग भी मियाँ मिरी आबाई जंग है

सोचों का इख़्तिलाफ़ है ये और कुछ नहीं
सो पेश-रफ़्त और न पस्पाई जंग है

मैं ख़ुद से कर रहा हूँ सो मुझ को बताइये
ज़ेरीं है साहबो कि ये बालाई जंग है

हम इश्क़ के महाज़ पे हैं साहिबान-ए-शौक़
कीजे हमारी हौसला-अफ़ज़ाई जंग है