उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kah do dil mein jo baat baqi hai

कह दो दिल में जो बात बाक़ी है

کہہ دو دل میں جو بات باقی ہے

शायर: Raakesh ulfat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कह दो दिल में जो बात बाक़ी है
ये न सोचो कि रात बाक़ी है

इश्क़ की बात है अभी कर लो
भूल जाओ हयात बाक़ी है

सारी दुनिया है फिर भी तन्हा हूँ
इक तुम्हारा ही साथ बाक़ी है

आज कहते हैं बस शराब शराब
कल कहेंगे नजात बाक़ी है

पहले लाज़िम है जीतना दिल का
फिर कहाँ काएनात बाक़ी है