उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaghaz ki wadiyon mein kare yun safar ghazal

काग़ज़ की वादियों में करे यूँ सफ़र ग़ज़ल

کاغذ کی وادیوں میں کرے یوں سفر غزل

शायर: Chiraguddin Charagh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

काग़ज़ की वादियों में करे यूँ सफ़र ग़ज़ल
छू ले जबीन-ए-अर्श वो तख़्लीक़ कर ग़ज़ल

काग़ज़ पे इक हसीन सा पैकर उतार लें
तन्हाई के सफ़र में रहे हम-सफ़र ग़ज़ल

जिस के भी क़ौल-ओ-फ़े'ल में यकसानियत मिले
समझो उसी की आज है पैग़ाम्बर ग़ज़ल

दस्त-ए-तलब से भीक तो मिलनी नहीं तुझे
ऐसा रहा ख़याल तो बे-मौत मर ग़ज़ल

मेरे सुख़न की दोस्तो मेराज देखिए
पढ़ती रही ग़ज़ल भी मिरी रात-भर ग़ज़ल