उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jo zindagi ke sab se hasin moD par mila

जो ज़िंदगी के सब से हसीं मोड़ पर मिला

جو زندگی کے سب سے حسیں موڑ پر ملا

शायर: Parveen Kumar Ashk6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जो ज़िंदगी के सब से हसीं मोड़ पर मिला
वो शख़्स फिर न मुझ को कभी 'उम्र-भर मिला

ग़म की हर इक किताब में था दर्ज मेरा नाम
रक्खा हुआ मैं हर दर-ओ-दीवार पर मिला

तलवार की तरह थी हवा तेज़ राह में
पत्ता बचा न एक भी साबित शजर मिला

लाखों का क़त्ल कर के भी वो मुतमइन न था
आख़िर वो अपने ख़ूँ में मुझे तर-ब-तर मिला

तू हाल ज़िंदगी का मिरी जान जाएगा
बस एक बार मेरी नज़र से नज़र मिला

हर एक फूल पर थी तिरे आँसुओं की ओस
क़तरा मिरे लहू का हर इक शाख़ पर मिला