उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ji rahe hain tere hi nam se hum

जी रहे हैं तिरे ही नाम से हम

جی رہے ہیں ترے ہی نام سے ہم

शायर: Parvez Shaikh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जी रहे हैं तिरे ही नाम से हम
हैं क़फ़स में यूँ एक शाम से हम

जब से तुझ से की दोस्ती हम ने
हो गए शाह से ग़ुलाम से हम

जब से देखा है तू ने जान-ए-जाँ
पी रहे हैं नज़र के जाम से हम

हर मुसीबत से डट के लड़ते हैं
दुश्मनो के दु'आ सलाम से हम

आज तक जी रहे हैं जी 'परवेज़'
तेरे दिल के किसी कलाम से हम