उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jhuki jhuki si nazar be-qarar hai ki nahin

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं

جھکی جھکی سی نظر بے قرار ہے کہ نہیں

शायर: Kaifi Azmi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं

तू अपने दिल की जवाँ धड़कनों को गिन के बता
मिरी तरह तिरा दिल बे-क़रार है कि नहीं

वो पल कि जिस में मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतिज़ार है कि नहीं

तिरी उमीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ए'तिबार है कि नहीं