उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bahaaro mera jiwan bhi sanwaro

बहारो मेरा जीवन भी सँवारो

بہارو میرا جیون بھی سنوارو

शायर: Kaifi Azmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बहारो मेरा जीवन भी सँवारो
कोई आए कहीं से यूँ पुकारो

तुम्हीं से दिल ने सीखा है तड़पना
तुम्हीं को दोश दूँगी ऐ नज़ारो

सजाओ कोई कजरा लाओ गजरा
लचकती डालियो तुम फूल वारो

रचाओ मेरे इन हाथों में मेहंदी
सजाओ माँग मेरी या सिधारो

न जाने किस का साया दिल से गुज़रा
ज़रा आवाज़ देना राज़दारो