उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaane wo chiz kya thi jo chamki zamin par

जाने वो चीज़ क्या थी जो चमकी ज़मीन पर

جانے وہ چیز کیا تھی جو چمکی زمین پر

शायर: Charagh Barelvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जाने वो चीज़ क्या थी जो चमकी ज़मीन पर
उजले से लोग आ गिरे मैली ज़मीन पर

तेरे लिए वो धूप का टुकड़ा रहा रहे
मेरे लिए तो आग सी बरसी ज़मीन पर

सूरज ने दी जो आग वो सूरज में घोल दी
थी राख इस ज़मीं की सो रख दी ज़मीन पर

ये बद-हवास जिस्म किसी काम का नहीं
लगता है जैसे लाश हो जलती ज़मीन पर

ये फ़ासला नहीं है ज़रूरत की बात है
तितली है फूल पर तो है चींटी ज़मीन पर

पहले पहल तो मैं उसे शाइ'र नहीं लगा
अब शे'र कह रहा है वो मेरी ज़मीन पर