उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq jo walihana hota hai

इश्क़ जो वालिहाना होता है

عشق جو والہانہ ہوتا ہے

शायर: Ejaaz tawakkal8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इश्क़ जो वालिहाना होता है
ख़ुद को ही आज़माना होता है

सिर्फ़ अल्फ़ाज़ ही नहीं होते
शेर पूरा ज़माना होता है

कश्तियाँ और लोग लाते हैं
मैं ने दरिया बनाना होता है

मुब्तला बे निशाँ नहीं होते
उन का अपना घराना होता है

लोग करते हैं इश्क़ की बातें
मैं ने करके दिखाना होता है

वस्ल तन्हा नहीं है उस के जनाब
हिज्र शाना-ब-शाना होता है

हम किसी को पयाम देते हैं
शेर तो इक बहाना होता है

मैं मिज़ाजन फ़क़ीर हूँ मेरा
हर सुख़न आजिज़ाना होता है