उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ishq inam hai ya bimari

'इश्क़ इन'आम है या बीमारी

عشق انعام ہے یا بیماری

शायर: Gauhar Hoshiyarpuri10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

'इश्क़ इन'आम है या बीमारी
दर्द भी प्यारा टीस भी प्यारी

रूह का मोती कौन ख़रीदे
तोल मैं हल्का मोल में भारी

सुख किस किस की आँख का तारा
एक परिंदा हज़ार शिकारी

रुत आए रुत जाए लेकिन
फूल तुम्हारे शाख़ हमारी

ख़ैर और शर दो चलते मोहरे
आगे पीछे बारी बारी

चढ़ते रूप उतरते देखे
सर के साथ गई सरदारी

तेरी और न मेरी दुनिया
झूटे ग़म झूटी ग़म-ख़्वारी

तफ़रक़ा-हा-ए-दैर-ओ-हरम क्या
इक दरबार के सब दरबारी

कूच की नौबत बाजे 'गौहर'
जल्दी से अब कर तय्यारी

क़ैद-ए-हयात से छूटे 'गौहर'
पहनी या ज़ंजीर उतारी