उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is dil se teri yaad ke haale nahin gae

इस दिल से तेरी याद के हाले नहीं गए

اس دل سے تیری یاد کے ہالے نہیں گئے

शायर: Nadeem Asghar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस दिल से तेरी याद के हाले नहीं गए
तू जा चुका है तेरे उजाले नहीं गए

बरसों से एड़ियाँ ही रगड़ते रहे हैं ख़्वाब
तब ही तो मेरी आँख से छाले नहीं गए

सौ बार छाँटने का जतन कर चुका हूँ मैं
कुछ लोग ज़िंदगी से निकाले नहीं गए

सूरज की रौशनी से बहुत बार धो चुका
मौला जो मन के दाग़ हैं काले नहीं गए

मरती ही जाएगी ये बसारत मिरे 'नदीम'
आँखों में दीद के जो निवाले नहीं गए