उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is dil ki gali chhoD ke jate hi nahin hain

इस दिल की गली छोड़ के जाते ही नहीं हैं

اس دل کی گلی چھوڑ کے جاتے ہی نہیں ہیں

शायर: Umais Ahmar4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस दिल की गली छोड़ के जाते ही नहीं हैं
कुछ सानहे ऐसे हैं भुलाते ही नहीं हैं

आँखें तो बना लेते हैं ये सारे मुसव्विर
आँखों में मगर दर्द बनाते ही नहीं हैं

जिस बात पे भी करते हैं वो मुझ को पशेमाँ
इस बात पे फिर आँख मिलाते ही नहीं हैं

चुप-चाप सहे जाते हैं हर ग़म वो कभी भी
हँसती हुई आँखों को रुलाते ही नहीं हैं