उर्दू शायरी · ग़ज़ल

in andheron se le ke jaunga

इन अँधेरों से ले के जाऊँगा

ان اندھیروں سے لے کے جاؤں گا

शायर: Tahir Azeem7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इन अँधेरों से ले के जाऊँगा
मैं तुझे रौशनी दिखाऊँगा

हाथ में लूँगा कासा-ए-ख़ुर्शीद
चाँदनी रात भी सजाऊँगा

तू जो दीवार में सिमट आई
दिल भी दीवार से लगाऊँगा

वो जो मुश्किल से याद करता है
उस को मुश्किल में याद आऊँगा

सिर्फ़ मानूँगा अपने दिल की बात
कोई वा'दा नहीं निभाऊँगा

हाथ रक्खूँगा तेरे हाथों पर
ऐसी तस्वीर इक बनाऊँगा

तेरी महफ़िल में आऊँगा लेकिन
कुछ सुनूँगा न मैं सुनाऊँगा