उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hayat hai mere dil ki kisi ki zinda yaad

हयात है मिरे दिल की किसी की ज़िंदा याद

حیات ہے مرے دل کی کسی کی زندہ یاد

शायर: Urooj Qadri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हयात है मिरे दिल की किसी की ज़िंदा याद
उसी से है ये दरख़्शाँ उसी से है आबाद

वफ़ा न हो तो मोहब्बत का ए'तिबार नहीं
जफ़ा न हो तो है ये दिलबरी भी बे-बुनियाद

तमाम जिस्म है फ़ासिद तमाम जिस्म ख़राब
अगर न जाए किसी आदमी के दिल का फ़साद

अब एक क़िस्सा-ए-माज़ी है ज़ुल्म-ए-चंगेज़ी
कि हो गए हैं नई क़िस्म के सितम ईजाद

मुझे बताओ जगह वो जहाँ मिले मुझ को
जिगर का सोज़ नज़र का हिजाब दिल की कुशाद

मिरे यक़ीं की है बुनियाद अक़्ल से मोहकम
तुम्हारे शक्क-ओ-तरद्दुद की सुस्त है बुनियाद

'उरूज' फ़िक्र-ए-असीरी से ज़ेहन ख़ाली कर
बला से जिस्म है महबूस दिल तो है आज़ाद