उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hasinon mein rutba do-baala hai tera

हसीनों में रुत्बा दो-बाला है तेरा

حسینوں میں رتبہ دوبالا ہے تیرا

शायर: Zaheer Dehlvi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हसीनों में रुत्बा दो-बाला है तेरा
कि बीमार-ए-उल्फ़त मसीहा है तेरा

तमाशा है जो है तमाशा-ए-आलम
वो इस तरह महव-ए-तमाशा है तेरा

सितम इस पे कीजो मिरी जाँ समझ कर
नहीं दस्त ओ दामाँ हमारा है तेरा

मगर कुछ न कुछ चाल करता है तुझ पर
वो दम-बाज़ यूँ दम जो भरता है तेरा