उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum badalte nahin badalte hain

हम बदलते नहीं बदलते हैं

ہم بدلتے نہیں بدلتے ہیں

शायर: Idris Azad6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम बदलते नहीं बदलते हैं
इस लिए हम से लोग जलते हैं

वक़्त का कौन इंतिज़ार करे
चल ज़माने के साथ चलते हैं

ग़म निकलते तो हैं पे गाह-ब-गाह
आह के डर से कम निकलते हैं

आप ही उम्र का ख़याल करें
ये तो अरमान हैं मचलते हैं

तुम न आओ तो मेरी आँखों में
फूल खिलते नहीं हैं खिलते हैं

चाँद के साथ हम उभरते हैं
लोग सूरज के साथ ढलते हैं