उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hairan hun main ab jo mere ru-baru ho tum

हैरान हूँ मैं अब जो मिरे रू-ब-रू हो तुम

حیران ہوں میں اب جو مرے روبرو ہو تم

शायर: Nadim Nadeem5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हैरान हूँ मैं अब जो मिरे रू-ब-रू हो तुम
जो कुछ मैं सोचता था वही हू-ब-हू हो तुम

वीरान है ये शहर-ए-बदन एक 'उम्र से
और इस में हो रही है जो ये हाओ-हू हो तुम

बर्दाश्त कर भी पाऊँगा क्या इस तपिश को मैं
दौर-ए-ख़िज़ाँ है और बहुत तेज़ लू हो तुम

हम को भी ये गुमाँ है बहुत दिल-शिकन हैं हम
तुम को भी है ये वहम बहुत ख़ूब-रू हो तुम

वहशत नहीं है रक़्स-ए-मसर्रत है दश्त में
पेड़ों की शक्ल में ये मिरे चार-सू हो तुम