उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hai KHushi se kis tarah gham ka KHasara dekhiye

है ख़ुशी से किस तरह ग़म का ख़सारा देखिए

ہے خوشی سے کس طرح غم کا خسارہ دیکھیے

शायर: Chandrashekhar Pandey Shams5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

है ख़ुशी से किस तरह ग़म का ख़सारा देखिए
आसमान-ए-यास पर उगता सितारा देखिए

आप गर चाहें तो ये जिंस-ए-वफ़ा भी आम हो
रिश्ता-ए-मुबहम है अब इक इस्तिआरा देखिए

ये हिसार-ए-इश्क़ भी है इक हिसार-ए-ख़ुश-नुमा
ख़ुद चुना है गिर्द अपने ईंट-गारा देखिए

था यक़ीन लंगड़ा उधर और प्यार अंधा था इधर
पाँव लंगड़े को मिला अंधे को तारा देखिए

'शम्स' छुप सकता है जिस के इक इशारे से अगर
चाँद भी हो सकता है फिर पारा-पारा देखिए