उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ghar hai patthar ka KHuda KHair kare

घर है पत्थर का ख़ुदा ख़ैर करे

گھر ہے پتھر کا خدا خیر کرے

शायर: Om Prakash Meghwanshi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

घर है पत्थर का ख़ुदा ख़ैर करे
अब मिरे सर का ख़ुदा ख़ैर करे

प्यास ने तोड़ दी है सारी हदें
अब समुंदर का ख़ुदा ख़ैर करे

रोज़ दीवारों के बाहम झगड़े
ऐसे में घर का ख़ुदा ख़ैर करे

हर ज़बाँ तेग़ हर इक हाथ छुरी
आज मंज़र का ख़ुदा ख़ैर करे

शीश-महलों की नुमाइश है 'अज़ीज़'
संग-ए-मरमर का ख़ुदा ख़ैर करे