उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dur ke Dhol suhane hain

दूर के ढोल सुहाने हैं

دور کے ڈھول سہانے ہیں

शायर: Hafiz Karnataki6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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दूर के ढोल सुहाने हैं
सदियों के अफ़्साने हैं

शम-ए-मोहब्बत जल के समझ
हम तेरे परवाने हैं

दिल में उतर कर देख ज़रा
चाहत के तह-ख़ाने हैं

माँग रहे हैं तुझ से वफ़ा
हम भी क्या दीवाने हैं

यारों की बद-नीय्यत से
शर्मिंदा याराने हैं

'हाफ़िज़' अब टुकड़े टुकड़े
ज़ेहन के ताने-बाने हैं