उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mein dhaDkan lab mein jumbish chahiye

दिल में धड़कन लब में जुम्बिश चाहिए

دل میں دھڑکن لب میں جنبش چاہیے

शायर: Hafiz Karnataki5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

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दिल में धड़कन लब में जुम्बिश चाहिए
ज़िंदा रहने को ये वर्ज़िश चाहिए

आदमी होने का देने को सुबूत
पाँव में थोड़ी सी लग़्ज़िश चाहिए

बैठे बैठे क़िस्मतें बनती नहीं
अज़्म मेहनत और कोशिश चाहिए

इम्तिज़ाज-ए-ऐश-ओ-ग़म है ज़िंदगी
लाख ख़ुशियाँ भी हों रंजिश चाहिए

'हाफ़िज़' उस को जुस्तुजू सूरज की है
और तुम्हें भी एक मह-वश चाहिए