उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil kiya dast-e-sitam-gar ke hawale humne

दिल किया दस्त-ए-सितम-गर के हवाले हम ने

دل کیا دست ستم گر کے حوالے ہم نے

शायर: Aalam Nizami5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल किया दस्त-ए-सितम-गर के हवाले हम ने
आइना कर दिया पत्थर के हवाले हम ने

देखने के लिए मौजों की वसीअ-उन-नज़री
तिश्नगी की है समुंदर के हवाले हम ने

देख तो शौक़-ए-शहादत की तमन्ना ज़ालिम
कर दिया सर तिरे ख़ंजर के हवाले हम ने

हर्फ़-ए-तदबीर की तफ़्सीर समझने के लिए
न किया ख़ुद को मुक़द्दर के हवाले हम ने

और क्या दूँ मैं सज़ा ख़्वाब-महल को आलम
ज़िंदगी कर तो दी छप्पर के हवाले हम ने