उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ki baaten hain ye bojhal na banaun usko

दिल की बातें हैं ये बोझल न बनाऊँ उस को

دل کی باتیں ہیں یہ بوجھل نہ بناؤں اس کو

शायर: R P Shokh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल की बातें हैं ये बोझल न बनाऊँ उस को
मस्लहत ये है कि कुछ भी न बताऊँ उस को

शहर में जा के कहूँ किस से बुरा हाल अपना
कोई अपना हो तो अहवाल सुनाऊँ उस को

आ बसीं दिल में भी रोज़ी की तमन्नाएँ अब
अब कहाँ जाऊँ कि दुनिया से छुपाऊँ उस को

हर गली कूचा-ए-क़ातिल है दिल-ए-ईज़ा-तलब
कोई मुश्किल हो तो आसान बनाऊँ उस को

लम्स मुमकिन नहीं शो'ले का बिना ख़ाक हुए
फूल हो सिर्फ़ तो सीने से लगाऊँ उस को