उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dip andhon ke darmiyan hoga

दीप अंधों के दरमियाँ होगा

دیپ اندھوں کے درمیاں ہوگا

शायर: Ehya Bhojpuri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दीप अंधों के दरमियाँ होगा
तो उजाले का इम्तिहाँ होगा

दिल के अंदर भी चार ख़ाने हैं
कोई कैसे न बद-गुमाँ होगा

जिस के पैरों तले ज़मीं होगी
उस के क़दमों में आसमाँ होगा

इक हक़ीक़त से आश्ना हूँ मैं
सब का दुनिया में इम्तिहाँ होगा

जाओगे तुम जहाँ जहाँ 'अहया'
इक दिवाना वहाँ वहाँ होगा