उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dekho kya diwana hai

देखो क्या दीवाना है

دیکھو کیا دیوانہ ہے

शायर: Vigyan Vrat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

देखो क्या दीवाना है
अपना आप निशाना है

यूँ तो साथ ज़माना है
पर ख़ुद से बेगाना है

उस को क्या समझाओगे
वो ख़ुद एक सियाना है

वो इतने दिन बाद मिला
मुश्किल से पहचाना है

तुम से घर कहलाता था
अब तो सिर्फ़ घराना है