उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aur sunao kaise ho tum

और सुनाओ कैसे हो तुम

اور سناؤ کیسے ہو تم

शायर: Vigyan Vrat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

और सुनाओ कैसे हो तुम
अब तक पहले जैसे हो तुम

अच्छा अब ये तो बतलाओ
कैसे अपने जैसे हो तुम

यार सुनो घबराते क्यों हो
क्या कुछ ऐसे वैसे हो तुम

क्या अब अपने साथ नहीं हो
तो फिर जैसे तैसे हो तुम

ऐश-परस्ती तुम से तौबा
मज़दूरी के पैसे हो तुम