उर्दू शायरी · ग़ज़ल

daulat-e-dard-e-jaan ata kar ke

दौलत-ए-दर्द-ए-जाँ 'अता कर के

دولت درد جاں عطا کر کے

शायर: Osama Haroon5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दौलत-ए-दर्द-ए-जाँ 'अता कर के
उस ने छोड़ा है कीमिया कर के

हम ने कितनों की दास्तान कही
इक तिरा हिज्र मुद्द'आ कर के

शे'र की नग़मगी में ढाला है
दिल से पत्थर को मोम सा कर के

तेरे दर पर हैं दर्द के मारे
लौट जाएँगे इल्तिजा कर के

हम थे शा'इर किसी से क्या लड़ते
उठ गए बज़्म से दु'आ कर के