उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chup ki taqat se guzara nahin hone wala

चुप की ताक़त से गुज़ारा नहीं होने वाला

چپ کی طاقت سے گزارہ نہیں ہونے والا

शायर: Yasir Raza Asif7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चुप की ताक़त से गुज़ारा नहीं होने वाला
अब शराफ़त से गुज़ारा नहीं होने वाला

अब ये लाज़िम है कि सहराओं में भटका जाए
घर की वहशत से गुज़ारा नहीं होने वाला

शेर कहना है तो कहने का सलीक़ा सीखो
इस में उजलत से गुज़ारा नहीं होने वाला

दिल में फ़ितरत को भी थोड़ी सी जगह दी जाए
इक मोहब्बत से गुज़ारा नहीं होने वाला

घर चलाने के लिए ख़ून जलाना होगा
सिर्फ़ मेहनत से गुज़ारा नहीं होने वाला

रास आते नहीं हम को ये खनकते सिक्के
अपना दौलत से गुज़ारा नहीं होने वाला

सोच के आओ ये दरबार-ए-मोहब्बत है यहाँ
शान-ओ-शौकत से गुज़ारा नहीं होने वाला